राजस्थान के एमडीएस विश्वविद्यालय में आयोजित आधुनिक कथा साहित्य की परीक्षा को लेकर छात्रों में जोरदार नाराज़गी देखने को मिली। परीक्षा के दौरान कई ऐसे प्रश्न शामिल किए गए जो निर्धारित सिलेबस से बाहर बताए जा रहे हैं। छात्रों ने इसका विरोध दर्ज कराया और इसे अनुचित एवं शिक्षा व्यवस्था में लापरवाही बताया।
छात्रों की शिकायतों और बढ़ते विरोध को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता को समझते हुए त्वरित निर्णय लिया है। विवि ने घोषणा की है कि आधुनिक कथा साहित्य की परीक्षा दोबारा आयोजित की जाएगी, ताकि किसी भी छात्र के साथ अन्याय न हो और सभी को समान अवसर प्राप्त हो।
छात्रों की परेशानियाँ और विरोध
परीक्षा के तुरंत बाद छात्रों ने सोशल मीडिया और कॉलेज स्तर पर शिकायतें देना शुरू कर दिया।
छात्रों का कहना था कि—
- प्रश्नपत्र में कई प्रश्न सिलेबस से मेल नहीं खाते थे।
- गाइड और पुस्तकों में शामिल विषयों से बाहर से प्रश्न पूछे गए।
- कई प्रश्न अस्पष्ट और संदिग्ध थे।
इस घटना ने छात्रों में भारी भ्रम और तनाव पैदा कर दिया।
विश्वविद्यालय का निर्णय
छात्रों की मांग को स्वीकार करते हुए एमडीएसयू प्रशासन ने परीक्षा को पुनः आयोजित करने का निर्णय लिया है।
विश्वविद्यालय का कहना है कि—
“छात्रों के भविष्य और शैक्षणिक निष्पक्षता को देखते हुए परीक्षा दोबारा ली जाएगी। नई परीक्षा सभी छात्रों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करेगी।”
क्या होगा आगे?
- नई परीक्षा का आयोजन विश्वविद्यालय द्वारा घोषित तिथि पर होगा।
- पुराने प्रश्नपत्र को पूरी तरह निरस्त माना जाएगा।
- छात्रों को दुबारा परीक्षा देने का पूर्ण अवसर दिया जाएगा।
छात्रों में राहत की भावना
पुनः परीक्षा करवाने के फैसले से छात्रों में राहत की भावना देखी गई है। कई छात्र इस निर्णय को सही और न्यायसंगत बता रहे हैं। उनका कहना है कि यह कदम उन सभी छात्रों की मेहनत का सम्मान करता है जो निर्धारित सिलेबस के आधार पर तैयारी करते हैं।
